तनुश्री ने जो FIR दर्ज कराई है, उसके आधार पर नहीं हो सकती है नाना को सजा

यूटिलिटी डेस्क. दस साल पुराने छेड़छाड़ के मामले में बीते दिनों बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। तनुश्री की कम्प्लेन पर मुम्बई के ओशिवारा थाने की पुलिस ने नाना के खिलाफ आईपीसी की धारा 354A और 509 के तहत केस दर्ज किया है।

नाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद लोगों के मन में सवाल उठने कि अगर मामले में नाना को दोषी करार दिया गया तो उन्हें कितनी सजा दी जाएगी। लोगों के इसी सवाल को ध्यान में रखते हुए हमने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में क्रिमिनल मामलों के वकील प्रमोद सक्सेना से बात की। उनके अनुसार, इस मामले में नाना को कोई सजा नहीं हो सकती।

इसलिए नहीं मिल सकती सजा
उन्होंने बताया कि तनुश्री दत्ता ने करीब 10 साल बाद रिपोर्ट दर्ज कराई है और आईपीसी की जिन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है उनमें अधिकतम 2 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। जबकि, CrPC (दंड प्रक्रिया संहिता) की धारा 468 (2)(C) के तहत एक साल से ज्यादा और तीन साल से कम सजा वाले मामलों की रिपोर्ट तीन साल के अन्दर ही दर्ज कराई जा सकती है।

हालांकि, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 473 में प्रावधान किया गया है कि तीन साल का समय बीतने के बाद भी कोर्ट ऑर्डर पारित करके परिसीमा काल में छूट दे सकता है। लेकिन कोर्ट छूट तभी देगा जब भुक्तभोगी इतने समय तक रिपोर्ट न दर्ज कराने का कोई उचित कारण बताएगा। इसके लिए उसे ठोस सबूत भी पेश करने होंगे।

उन्होंने बताया कि तनुश्री के मामले में ऐसा नहीं है। वे पढ़ी-लिखी हैं, बाहर घूम रही हैं, उन्हें एफआईआर दर्ज न कराने के लिए धमकी नहीं दी गई थी। इसलिए जब मामला कोर्ट में जाएगा तो वह कोर्ट की तरफ से खाऱिज कर दिया जाएगा। ऐसे में नाना को किसी भी तरह की कोई सजा मिलने की संभावना नहीं है।