दागी प्रत्याशी को आपराधिक मामले करना होंगे सार्वजनिक

विधानसभा चुनाव में इस साल दागी प्रत्याशियों को खुद पर चल रहे केस व दोष सिद्ध मामलों की भी जानकारी सार्वजनिक करना पड़ेगा। यह जानकारी ज्यादा से ज्यादा सर्कुलेशन वाले समाचार-पत्रों में व इलेक्ट्राॅनिक्स चैनल पर प्रसारित करना होगी। यह निर्देश चुनाव आयोग ने जारी किए हैं।

प्रत्याशियों को नामांकन-पत्र भरते समय शपथ-पत्र भी देना होगा। इसके अलावा अवैध शराब, कंबल, कैश बांटने वाले लोगों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए स्टैटिक्स सर्विलांस टीमें बनाई हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ऐसी 3-3 टीमें बनाई हैं। चारों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 12 टीमें काम करेंगी। प्रत्येक घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। परिणाम आने की तारीख से 30 दिन के अंदर फाइनल हिसाब भी निर्वाचन कार्यालय में जमा करना होगा।
संबंधित राजनीतिक दल अभ्यर्थी के लंबित आपराधिक प्रकरण की जानकारी स्वयं की वेबसाइट में दिखाने के लिए बाध्य होंगे। साथ ही अभ्यर्थी एवं संबंधित राजनीतिक दल इस संबंध में एक घोषणा जारी करेंगे जिसे उनके द्वारा सर्वाधिक प्रसारित समाचार-पत्र और इलेक्ट्राॅनिक मीडिया में 3 बार प्रकाशित और प्रसारित कराना होगा। 3 बार का प्रकाशन नाम वापसी के अंतिम दिन से मतदान के 48 घंटे पूर्व की समय सीमा के दौरान कराना होगा।
मुंबई और विशाखापट्‌टनम से आए 200 जवान
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जिले में बल पहुंचने लगा है। सोमवार को मुंबई से सीआईएसएफ के 100 जवान तथा आईटीवीसी के 100 जवान विशाखापट्टनम से मंदसौर पहुंचे हैं। एसपी मनोजसिंह ने बताया फोर्स को पशुपतिनाथ स्थित धर्मशाला में रुकवाया है। फोर्स विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। इसके अलावा अन्य फोर्स भी जल्द मंदसौर पहुंच जाएगा।

3-3 वीडियो सर्विलांस टीमें बनाईं
जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि चुनाव खर्च की निगरानी के लिए विधानसभावार कमेटियों का गठन किया है। चार विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग सहायक व्यय पर्यवेक्षक यानी एईओ नियुक्त किए हैं। प्रत्येक विधानसभा के लिए 3-3 वीडियो सर्विलांस टीमें भी बनाई हैं।

एमसीएमसी पेड न्यूज पर रखेगी निगरानी
विज्ञापनों को प्रसारित कराने के पहले जिला स्तरीय मीडिया सर्टिफिकेशन एवं माॅनीटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) से विज्ञापन अभिप्रमाणन की अनुमति प्राप्त करनी होगा। विधानसभा स्तर पर एक-एक एमसीएमसी समिति का गठन किया है। यह कमेटी प्रसारित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों पर भी नजर रखेगी।