20वें बरस गरबे की आखिरी रात मची धूम; पहले गुजराती धुनें, फिर बॉलीवुड गीतों पर थिरकते हुए दी विदाई

भोपाल. 20वें अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव की पंचम और आखिरी रात्रि। संदीप और नितिन डीजे पर बॉलीवुड के डांस नंबर्स ट्यून करते हैं। इसके बाद धूम मचाती गरबा प्रेमियों की टोलियां थिरकने लगती हैं। तभी संदीप आवाज लगाते हैं, अपने-अपने फोन की फ्लैश लाइट्स ऑन करें। इसके बाद हजारों हाथ मोबाइल फ्लैश लाइट्स ऑन करके हवा में उठा दिए जाते हैं और फिल्मी धुनों पर कदम थिरकने लगते हैं। ऐसा लगता है इस दूधिया रोशनी में हर कोई डूब जाना चाह रहा हो। इस भव्यता के साथ अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव को विदाई दी गई।
अभिव्यक्ति गरबे में 15 या उससे ज्यादा सालों से अभिव्यक्ति गरबा से जुड़े 50 स्वयं सेवकों को सम्मानित किया गया। इसमें हर साल अपनी खरश भरी आवाज से एंकरिंग का जिम्मा संभालने वाले योगेंद्र कुमार शुक्ला भी शामिल रहे। शनिवार और रविवार की तरह सोमवार को भी गरबा प्रेमी भेल दशहरा मैदान पर गरबा करने के लिए बेताब दिखे। हर कोई इस आखिरी रात को यादगार बनाना चाह रहा था। पूरा परिसर खचाखच भरा था। परिवार के साथ पहुंचे लोग सेल्फी जोन में फोटो लेकर इन खूबसूरत पलों को कैद कर लेना चाह रहे थे।
उल्लास में देर रात तक झूमे लोग : आखिरी रात आचार संहिता का पालन करते हुए 10 बजे डीजे बंद होने के बाद भी गरबा प्रेमियों में उत्साह, कम नहीं हुआ। वह ढोल की धुनों पर झूमते रहे। हर रोज की तरह मां आद्या की आरती के बाद शुरू हुआ गरबा प्रेमी दूधिया रोशनी, बॉलीवुड सांग की धुनों पर युवा युगल गरबा करते रहे। उन्होंने ड्रेसेस में कई एक्सपेरिमेंट्स किए। वे थीम बेस्ड ड्रेसअप पर आए। कुछ ग्रुप में आए, कुछ कपल्स में। इनकी कलात्मकता आकर्षण का केंद्र बनी रही।
सेल्फी लेकर यादगार बनाया गरबा : इसके पहले फूड स्टॉलों पर भारी भीड़ देखने को मिली। हर तरफ लोगों का हुजूम देखने का मिला। गरबा करने और भेल दशहरा मैदान में सजाए गए इस महोत्सव की हर छवि को लोग अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लेना चाह रहे थे। हर कोई सेल्फी लेकर यादगार बनाना चाह रहा था।