उल्लास में ढलकर गरबे की रात में तब्दील हुई दूधिया रोशनी में डूबी शाम

भोपाल. अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव का मंच। अलग-अलग रंग और वेशभूषा में सज संवरकर एक बार फिर से शाम गुलजार हुई। तीसरे दिन वीकेंड होने की वजह से धीरे-धीरे गरबा प्रेमी उत्साह और उल्लास में आए। मन में मां के प्रति श्रद्धा और भक्ति का भाव लिए गरबा शबाब पर आया। हर रोज की तरह मां आद्या की आरती के बाद शुरू हुआ गरबा दूधिया रोशनी, बॉलीवुड सांग और गुजराती धुनों में युवा युगल देर रात तक झूमते रहे।
दशहरा भेल मैदान पर अभिव्यक्ति गरबा एक लाख वाॅट साउंड से बजती तीन ताली और हिचक राउंड के बाद डीजे पर फ्रीस्टाइल रंग में गरबा प्रेमियों ने जमकर डांस किया। यहां फिर गरबा प्रेमियों ने मुख्य सर्कल के साथ ही सामान्य सर्कल में भी गजब का उत्साह देखने को मिला।

इसके पहले फूड स्टॉलों पर भारी भीड़ देखने को मिली। हर तरफ लोगों का हुजूम देखने का मिला। गरबा करने और भेल दशहरा मैदान में सजाए गए इस महोत्सव की हर छवि को लोग अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लेना चाह रहे थे। हर कोई सेल्फी लेकर यादगार बनाना चाह रहा था।

अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव तीसरे दिन शनिवार को सजीले युवा युगल ने अपने निराले अंदाज़ में गरबे किए। उन्होेंने ड्रेसेस में कई एक्सपेरिमेंट्स किए और प्रॉपर्टीज़ में भी कई इनोवेशन। वे थीम पर ड्रेसअप होकर आए थे। उनके लयात्मक और कलात्मक गरबा आकर्षण का केंद्र बने हुए थे।

पार्टिसिपेंट्स ने दो ताली, तीन ताली और हीच किए, फिर फ्री स्टाइल राउंड के बाद डांडिया की खनक शुरू हुई। पारंपरिक गुजराती और बॉलीवुड गीतों पर स्टाइलिश गरबे के साथ ही हीच ताली की प्रस्तुतियां देखते बनती थीं। जितना उत्साह प्रतिभागियों में था, उससे ज्यादा उत्साह जनरल सर्कल में गरबा करते हजारों भक्तिमय युवाओं में भी था। यहां भी युवा अलग-अलग थीम पर सज-धज कर आए थे।