किसानों ने की दिल्ली में घुसने की कोशिश, रोकने के लिए पानी की बौछारें

सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए हरिद्वार से शुरु हुई किसान क्रांति यात्रा आज दिल्ली पहुंच रही है। इसके मद्देनजर दिल्ली-यूपी सीमा के पास मंगलवार की सुबह काफी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। एक दिन पहले यानि सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता विफल होने के बाद जब किसान नेता वापस लिंक रोड पर लौट आए उन्हें फिर से केंद्र सरकार से वार्ता के लिए बुलावा आया। भारतीय किसान यूनियन के महासचिव युद्धवीर सिंह ने बताया कि वह फिलहाल यूपी सदन में है किन केंद्रीय मंत्री से उनकी बात होनी है यह अभी स्पष्ट नहीं है।

रात किसानों की 2 बजे तक यूपी सदन में चौधरी बीरेंद्र सिंह केंद्रीय मंत्री के साथ बैठक चली है। आज गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक हो सकती है दिल्ली में। एहतियातन यूपी गेट पर ट्रैफिक बन्द कर दिया गया है। सिर्फ फ्लाईओवर से दोनों तरफ ट्रैफिक निकल पा रहा है।

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि हमको केंद्र सरकार ने यूपी सदन में बात करने बुलाया था। लेकिन वहां किससे बात होगी यह अभी तक नही बताया है। प्रतिनिधिमंडल यूपी सदन में इंतजार कर रहा है। सोमवार की देर रात राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की यूपी सदन में अभी किसी से बात नही हो पाई है। इंतजार कर रहे हैं।

गौरतलब है कि हरिद्वार से नौ दिन पूर्व शुरू हुई किसान क्रांति यात्रा ने दिल्ली के दर पर डेरा डाल दिया है। किसान दिल्ली कूच पर अड़े हुए हैं मगर प्रशासन ने उन्हें राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। पुलिस ने सोमवार सुबह ही गाजीपुर और महाराजपुर बॉर्डर को सील करने के साथ भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात कर दिया। देर शाम को किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।

कर्जमाफी सहित करीब दर्जनभर मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के नेतृत्व में लगभग 30 हजार किसान दिल्ली बॉर्डर से चंद कदम दूर लिंक रोड़ पर बने तीन फार्म हाउस और आसपास के इलाके में डटे हुए हैं। पुलिस ने किसानों को गाजियाबाद के नेहरू नगर हाउस तथा हज हाउस व साहिबाबाद सब्जी मंडी में ठहराने की कोशिश की थी, लेकिन वह नहीं माने।