राफेल खोदेगा भा ज पा की जमीन राजस्थान में चला जन चेतना ” राफाल रथ “

राजस्थान विधान सभा चुनाव के बाद ” रामगढ ” विधान सभा सीट से कांग्रेस की जीत के बाद इस कयास को बल मिलने लगा है की आने वाले लोक सभा चुनावो मैं राजस्थान में रफाल लडाकू विमान भा ज पा के कई मंसुबो पर जबरजस्त तरीके से “बम ” गिराने वाला है
” पंछी ” ने पहले भी कई बार भा ज पा के शीर्ष नेतृत्व को इस और ईशारा भी किया था कि राजस्थान में ” राफेल मुद्दे ” पर जनता को समय रहते संतुष्ट नहीं किया गया तो इसके परिणाम अनिष्ठ कारी होगें
कांग्रेस नेतृत्व ने इसे भली भांती समझते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से पूरे प्रदेश में ” राफेल घोटाले ” को उजागर करने के उद्देश्य से प्रदेश भर में ” जन चेतना राफेल रथ ” यात्रा प्रारम्भ कर दी जो पूरे प्रदेश में तहसील एंव जिला स्तर तक जा कर प्रदेश के आम नागरिक को
” राफेल विमान खरीद में हुए घोटाले ” की जानकारी देगी
भा ज पा ने राफेल प्रकरण को शायद बहुत हल्के से लिया और ” राहुल गांधी ” को ” पप्पु ” समझते हुए संसद में आंख मारकर ” मस्करी ” करने वाला कांग्रेसी नेता माना ?
बस यही उनकी भूल भा ज पा पर ” बहुत ही भारी ” पढ गई है , राहुल गांधी इन अफबाहों से तनिक भी विचलित नहीं हुए और अपने मिशन ” टारगेट ” हम होंगें कामयाब एक दिन को ले कर चलते रहे और ये इसका परिणाम ही माना जायेगा कि छतिसगढ , मध्यप्रदेश और राजस्थान में उनके नेतृत्व मे शानदार सरकारें बनी
और कारवां यूं ही चलता रहा तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिये कि लोक सभा में राजस्थान से ” भा ज पा ” का पाटिया साफ हो जाये
इतिहास बताता है कि जोडियां जब जब भी बनी कामयाब रही
फिल्मों में शंकर- जयकिशन लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और शोले की जय और वीरू की जोड़ी ने जो कारनामे दिरवाये उससे सभी को सोचने के लिये मजबूर कर दिया कि राजस्थान में
” अशोक गहलोत व सचिन पायलेट ” की जोडी पता नहीं कितने नये रिकार्ड स्थापित करेगी
पर इसका सारा श्रेय इनके ड़ायरेक्टर , स्टोरी राईटर , डायलोग मेकर को मिलना चाहिये जिन्होने इस जोडी को ” हिट ” किया और वो सफल डायरेक्टर हैं
राहुल गांधी
उनकी पठकथा में आगे क्या है ये तो किसी को पता नहीं पर इतना तय है कि आसमान से जब जब भी हवाईजहाज उडने की आवाज आती है ध्यान पता नही क्यूं ” राफाल ” पर चला जाता है
इसीलिये समय रहते यदि भा ज पा ने राफेल का
” इंधन ” खत्म नहीं किया तो राजस्थान में लोकसभा चुनावों में ये भा ज पा का सूंपड़ा साफ कर देगा क्योंकि अभी भी राजस्थान में वसुन्धरा फेक्टर कमजोर नहीं पढ़ा है , इंनका ताजा उदाहरण अभी हाल ही में भा ज पा संगठनात्मक बदलाव में देखने को मिला जहां मेडम ने अपने पसंदीदा लोगों को पदासीन किया जैसे अजमेर में देहात जिलाध्यक्ष हेड़ा जी