पानीपत समेत 7 जिलों में 1000 बेटों पर 900 से भी कम जन्मीं बेटियां

बेटियों की कोख में हत्या रोकने के लिए हरियाणा में सरकारी व सामाजिक स्तर पर खूब प्रयास हो रहे हैं। पिछले 4 साल में बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या पहले की अपेक्षा बढ़ी है। लेकिन 2017 के मुकाबले 2018 में कम बेटियां जन्मी हैं। प्रदेश में 2015 में एक हजार बेटों पर बेटियों की संख्या 876 थी, जो 2017 में 914 तक पहुंची, लेकिन 2018 में अक्टूबर तक संख्या 910 पर आ गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस पानीपत जिले से पूरे देश को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया था, उसी पानीपत समेत प्रदेश के 7 जिलों में इस साल कम बेटियां पैदा हुईं। पानीपत, सोनीपत, पंचकूला, हिसार और पलवल का सेक्स रेशो तो पिछले चार साल में सबसे कम रहा। बाकी जिलों में जन्म लेने वाली बेटियों की संख्या में इजाफा हुआ है। जींद व भिवानी में एक हजार बेटों पर 1008 बेटियों ने जन्म लिया। जबकि 2015 में यहां का सेक्स रेशो 875 का आंकड़ा भी नहीं छू रहा था। 

कन्या भ्रूणहत्या के प्रयासों के खिलाफ 645 एफआईआर हुई। 
4 साल में एक लाख से ज्यादा जागरूकता रैली निकाली गईं। 
6 लाख 36 हजार 360 बेटियों के जन्मदिवस व लोहड़ी मनाई। 
15 अगस्त पर नवजात बच्चियों को सम्मानित किया गया। 
16 हजार से ज्यादा नुक्कड़ नाटक किए गए। 
15 हजार 204 गुड्‌डा-गुड्डी बोर्ड लगाए। 
एक लाख से ज्यादा सिग्नेचर कैंपेन चले। 
डेढ़ लाख से ज्यादा बेबी शॉ आयोजित हुए। 
जिन जिलों में ज्यादा बेटियां जन्म ले रही हैं, वे बधाई के पात्र हैं। जहां रेशो कम हुआ है, वहां विशेष ध्यान दिया जाएगा। ताकि हमारा एक हजार लड़कों पर 950 लड़कियों का लक्ष्य पूरा किया जा सके। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। -कविता जैन, मंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग 

2018 में इन जिलों में कम जन्मीं बेटियां 
 

जिला 2015 2017 2018 
यमुनानगर 868 943 884 
हिसार 886 921 857 ​​​​​​​​​​​​​​
झज्जर 852 920 865 ​​​​​​​​​​​​​​
सोनीपत   867 935 862
पानीपत 892 945 877
पलवल   901 914 861

भिवानी-जींद नजीर बने 
 

जींद 856 898 1007 
भिवानी 873 913 1008
अम्बाला   873 925 944
फरीदाबाद   867 907 933
फतेहाबाद   893 912 974
गुड़गांव 858 921 902
कैथल 863 900 922 
करनाल 897 923 933 
कुरुक्षेत्र 860 924 944
मेवात 913 908 924
महेंद्रगढ़   818 881 928
रेवाड़ी  824 893 906
रोहतक  859 891 925
सिरसा 915 928 956