बुलंदशहर भीड़ हिंसा: पुलिस की FIR में 27 नामजद, 50-60 अज्ञात पर भी मुकदमा दर्द, अब तक 4 गिरफ्तार…

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr) में गोकशी के शक में हिंसा ऐसी भड़की तीन गांवों की भीड़ जान लेने पर उतारू हो गई. गोकशी के शक के बाद भड़की हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह (Subodh Kumar Singh) और एक आम नागरिक की मौत हो गई. इतना ही नहीं, उपद्रवियों ने पुलिस चौकी फूंक दी और दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया. हालांकि, अब इस मामले में जो एफआईआर दर्ज कराई गई है और चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एफआईआर के मुताबिक, इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या यानी भीड़ की हिंसा के मामले में योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया गया है. बुलंदशहर हिंसा में योगेश राज मुख्य आरोपी है और यही गौकशी मामले का शिक़ायतकर्ता भी है. बताया जा रहा है कि योगेशराज का संबंध बजरंग दल से है. वह जिला संयोजक बताया जाता है. हालांकि, पुलिस ने योगेश राज को अब तक गिरफ्तार नहीं किया है.

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उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गोकशी की ख़बर पर भीड़ की हिंसा के मामले में 27 लोगों को नामज़द किया गया है. इन पर 17 धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया गया है.  यानी भीड़ की हिंसा के मामले में योगेश राज के साथ-साथ करीब 80 से 90 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है. इनमें से 27 लोग नामजद हैं, वहीं 50 से 60 लोग अज्ञात हैं. भीड़ की हिंसा मामले में पुलिस ने अभी तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया है और 4 को हिरासत में लिया है. इस मामले में सब इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र ने एफआईआर दर्ज कराई है.

दरअसल, बुलंदशहर में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत गोली लगने से हुई है. पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है. पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के अनुसार सुबोध सिंह को बांयी आंख की भौं के पास गोली लगी. यह गोली .32 की थी. उपद्रवी सुबोध कुमार सिंह की सरकारी पिस्टल भी लूटकर ले गए.

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दरअसल, बुलंदशहर हिंसा में तनाव के मद्देनजर जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है. प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच एडीजी इंटेलीजेंस को सौंपी है जो 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट देंगे. इसके साथ ही मेरठ रेंज के महानिरीक्षक की अध्यक्षता में एक एसआईटी का भी गठन किया है. मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले पर दुख व्यक्त किया है.

टिप्पणियां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बुलन्दशहर में हुई हिंसा पर दुख व्यक्त किया और इस घटना में शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर के परिजन को कुल 50 लाख रूपये की सहायता का ऐलान किया. मुख्यमंत्री ने दो दिन के अंदर मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश भी दिया है. उन्होंने शहीद पुलिस अफसर की पत्नी को 40 लाख रूपए और उनके माता-पिता को 10 लाख रूपये की सहायता की घोषणा की.