भारतीय कोच ने बताया किस चीज का मिला है टीम को फायदा

भारत के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने कहा कि रविवार को मेंस हॉकी वर्ल्ड कप के पूल सी में बेल्जियम के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ रहे मुकाबले में शुरुआत में गोल गंवाने के बाद हाफ टाइम में बदली गई रणनीति टीम के लिए कारगर रही। भारत ने आठवें मिनट में गोल गंवा दिया था, लेकिन इसके बाद टीम ने वापसी करते हुए 2-1 से बढ़त बना ली। लेकिन बेल्जियम ने हूटर बजने से चार मिनट पहले गोल कर स्कोर 2-2 से बराबर कर लिया।

हरेंद्र ने कहा कि वो बेल्जियम की शुरू में दबाव बनाने की रणनीति से हैरान नहीं थे। उन्होंने मैच के बाद कहा, ‘बेल्जियम के पहले क्वॉर्टर में दबाव बनाने से हम हैरान नहीं थे। हमने इसके बारे में चर्चा की थी। वे जानते थे कि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, भारतीय टीम खतरनाक हो जाएगी। मेरे खिलाड़ियों ने दर्शकों के उत्साह का फायदा उठाया।’

‘रणनीति बदलना हमारे लिए कारगर साबित हुआ’

उन्होंने कहा, ‘पहले हाफ में हम गेंद के पीछे भाग रहे थे, हम इस पर इतना नियंत्रण नहीं बना पा रहे थे। हमने हाफ टाइम में रणनीति में थोड़ा बदलाव किया। ये हमारे लिये कारगर रहा।’ उन्होंने कहा कि तीसरे और चौथे क्वॉर्टर में बेल्जियम थोड़ी कमजोर पड़ गई थी। उन्होंने कहा, ‘हमने डबल टैकलिंग की। हम गेंद के पीछे थे या इसका पीछा कर रहे थे, हमने तेजी बनाए रखी।’ हरेंद्र ने कहा कि भारत के प्रदर्शन में फिटनेस ने अहम भूमिका अदा की।

भारत के हाथ से फिसली जीत, बेल्जियम के साथ मुकाबला 2-2 से ड्रॉ
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‘टीम की फिटनेस पर मुझे गर्व है’

उन्होंने कहा, ‘मुझे अपनी टीम की फिटनेस पर गर्व है। इसका श्रेय रोबिन अर्केल को जाता है। मैंने कभी भी इतनी फिट भारतीय टीम नहीं देखी।’ उन्होंने कहा, ‘हमारे पास गेंद हो या नहीं हो, हम उत्साह कम नहीं कर सकते। हमें अपने प्रतिद्वंद्वी के लिए मुश्किलें पैदा करते रहना जारी रखना होगा।’ भारतीय टीम पूल सी में टॉप पर बनी हुई है क्योंकि वो बेल्जियम से गोल अंतर में आगे है। लेकिन हरेंद्र ने कहा कि पूल में अभी भी सभी टीमों के लिए मौका है। उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए कोई अगर-मगर की बात नहीं है। अंतिम मैच से फैसला होगा कि हम सीधे क्वॉर्टर खेलेंगे या फिर क्रॉस ओवर खेलना होगा।’