बदनावर में पिछले चुनाव की तुलना में 11400 मतदाता बढ़े, त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना

बदनावर. विधानसभा चुनाव में अब यहां 8 उम्मीदवार रहे हैं। जिनमें से भाजपा, कांग्रेस व भाजपा से बागी निर्दलीय प्रत्याशी के बीच मुख्य मुकाबला होना है। भाजपा से भंवरसिंह शेखावत, कांग्रेस से राजवर्धनसिंह दत्तीगांव व निर्दलीय राजेश अग्रवाल में त्रिकोणीय टक्कर है। इनके अलावा आप, बसपा, गोंगपा व प्रसपा के साथ निर्दलीय प्रत्याशी खड़े हैं, पर इनका क्षेत्र में बड़े स्तर पर जनाधार नहीं है।

इस बार 194528 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। पिछले चुनाव से इस बार 11400 मतदाता बढ़े हैं, जबकि महिला व पुरुष मतदाता की संख्या में 10 प्रतिशत का अंतर है। पुरुष मतदाताओं की संख्या 97829 व महिलाओं की 96810 है।
पिछले चुनाव में मतदान का प्रतिशत 80.74 रहा था जिसमें महिलाओं का 77.19 व पुरुषों का 84.22 प्रतिशत था। चुनाव आयोग के निर्देश पर लगातार प्रचार-प्रसार के कारण इस बार मतदान का प्रतिशत बढ़ने की संभावना है।
कांग्रेस प्रत्याशी राजवर्धनसिंह दत्तीगांव का यह लगातार पांचवां चुनाव है। पहली बार निर्दलीय के बाद 4 बार कांग्रेस से लड़ने का मौका मिला है। इसमें से वे 2 बार विजयी हुए एवं 2 बार उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा।
इसके पूर्व 2 बार उनके पिता भी कांग्रेस से चुनाव लड़ चुके हैं। इस तरह देखा जाए तो पिछले 6 चुनाव से क्षेत्र में दत्तीगांव परिवार कांग्रेस उम्मीदवार का पर्याय बन गया है। कांग्रेस के लिए इस बात का सुकून है कि उसे चुनौती देने के लिए कोई बागी उम्मीदवार नहीं है।

तीन दशक से चुनाव में जातिवाद हावी

क्षेत्र में पिछले तीन दशक से चुनाव में जातिवाद हावी रहा है और जातिगत समीकरणों को देखते हुए ही दोनों पार्टियां प्रत्याशियों को टिकट देती है। यहां से अभी तक के चुनाव में 6 बार राजपूत उम्मीदवार जीते हैं। इसलिए इस बार भी दोनों पार्टियों ने राजपूत प्रत्याशी उतारे हैं।

कांग्रेस के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू और राज बब्बर आज छत्तीसगढ़ में

क्षेत्र में राजपूत समाज के 28000 से अधिक मतदाता हैं। यहां से केवल एक बार पाटीदार समाज के भाजपा प्रत्याशी खेमराज पाटीदार जीते हैं। समाज के करीब 24 हजार मतदाता हैं। 3 बार ब्राह्मण, 2 बार वैश्य, 1 बार कायस्थ समाज से विधायक बने हैं। पिछले चुनाव में मतदान के 1.5 प्रतिशत मत नोटा में गए थे। इस बार सवर्ण मतदाताओं की नाराजगी के चलते नोटा का मत प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।