एनडी तिवारी, जिस तारीख को पैदा हुए, उसी दिन हुआ निधन..

एनडी तिवारी का जन्म 18 अक्टूबर 1925 को नैनीताल के बल्यूटी गांव में हुआ था। बताया जा रहा है आज दोपहर जन्मदिन मनाने के बाद एनडी ने दिल्ली के मैक्स अस्पताल में प्राण त्याग दिए।

एनडी तिवारी ने दो शादियां की थी। उनकी पहली पत्नी सुशीला तिवारी थी और दूसरी उज्जवला तिवारी हैं। जिनसे उन्होंने साल 2014 में विवाह किया था। एनडी तिवारी उत्तराखंड के अभी तक के इकलौते मुख्यमंत्री रहे हैं, जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। नारायण दत्त तिवारी के पिता पूर्णानंद तिवारी वन विभाग में अधिकारी थे। तिवारी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए, एलएलबी की पढ़ाई की।

विकास पुरुष में एनडी तिवारी का विवादों से भी लंबा नाता रहा। वह चाहे हैदराबाद में राज्यपाल के तौर पर कार्यकाल हो, उनका दूसरा विवाह हो, उनके जैविक पुत्र का मामला हो या फिर अपने बनाए ही मेडिकल कालेज के गेट पर धरना देना हो। जैविक पुत्र का मामला कोर्ट तक पहुंचा। यह प्रकरण लंबा खींचा। बाद में 2014 में एनडी तिवारी ने रोहित शेखर तिवारी को अपना बेटा माना।

वह चार बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन उन्होंने पांच बार सीएम पद की शपथ ली। पहली बार 1976 से अप्रैल 1977, दूसरी बार तीन अगस्त 1984 से 10 मार्च 1985 और तीसरी बार 11 मार्च 1985 से 24 सितंबर 1985 और चौथी बार 25 जून 1988 से चार दिसंबर 1989 तक उप्र के मुख्यमंत्री और 2002 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। रहे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एनडी तिवारी जेल में भी रहे। उन्हें आजादी की लड़ाई के दौरान बरेली सेंट्रल जेल में  बंद किया गया था।

उनका अपनों और विरोधियों के बीच शीत युद्ध चलता रहा, जो किसी न किसी विवाद के रूप में सामने आता रहा। हालांकि यह बात सही है कि उनके विरोधी भी उनके तमाम विवादों के बाद भी उनके कौशल और विजन के मुरीद रहे। यूपी से अलग हुए  कर उत्तराखंड बनने की बात हो रही थी, तो एनडी तिवारी ने बयान दिया था कि उनकी लाश पर उत्तराखंड बनेगा। पर समय का चक्र ऐसे घूमा कि उनको उत्तराखंड के सीएम की जिम्मेदारी मिल गई।

उस वक्त उन्होंने लाल बत्ती जमकर लुटाई। इसके पीछे उनकी कुर्सी बचाने की चाहत भी कही जाती रही। इसे लेकर एक चर्चित लोकगीत भी बना था। सत्ता के गलियारों में यूपी जैसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री रह चुकने के बाद उत्तराखंड का सीएम की कुर्सी पर बैठने के पीछे क्या कारण रहे? उसके खूब कयास लगाए गए।