पिस्टलकांडः आशीष पांडे की 3 हसीन दोस्त.. जानिए कौन हैं वो..?

आशीष की दोस्त पामेला रूज़ पंजाबी हैं पर ब्रिटिश हैं और दुबई में काफी मशहूर हैं. खास कर उन लोगों के बीच जिनका दुबई अक्सर आना जाना होता है. अंग्रेज़ी में इनके प्रोफेशन को सोशल पार्टनर या फ्रेंड कहते हैं. पर हमारी ज़बान में इस प्रोफेशन के लिए कोई सभ्य शब्द नहीं है.

लखनऊ के रंगबाज़ की रंगबाज़ी तो आप सबने खूब देख ली. अब ज़रा उसके लहराते तमंचे और पीली पैंट से नज़रें हटे तो उसकी उन तीन महिला दोस्तों से भी मिल लीजिए जिन्हें पांडे जी ने खास दुबई से बुलवाया था. इन तीन में से दो ब्रिटिश नागरिक हैं जबकि तीसरी दुबई में ही रहती है. इनमें से एक का नाम पामेला है. पामेला से सोशल मीडिया पर जाकर कोई भी दोस्ती कर सकता है. फिर दोस्त बन चुकी पामेला और उसकी दोस्तों को दुनिया के किसी भी कोने में बुला सकता है. पर ध्यान रहे.. ये दोस्ती फ्री की नहीं होती. यहां दोस्ती की कीमत अदा करनी पड़ती है और पांडेय जी ने उस रात कीमत अदा करने के बाद ही इन खरीदे हुए दोस्तों को दिल्ली बुलाया था.

दिल्ली के मशहूर पांच सितारा हयात होटल के पॉर्च में 14 अक्तूबर की रात को ये तमंचा लहराया। 15 अक्टूबर को ये वीडियो वायरल हुआ और 16 अक्तूबर को दिनभर देश की मीडिया पर ये खबर छाई रही. सब की नज़र इस बंदूकबाज़ की बंदूक और उसकी गुलाबी पैंट पर ही गड़ी रही. किसी ने भी इस गुलाबी चेहरे वाली लड़की पर ध्यान नहीं दिया.

ये पामेला रूज़ हैं. पंजाबी हैं पर ब्रिटिश हैं और दुबई में काफी मशहूर हैं. खास कर उन लोगों के बीच जिनका दुबई अक्सर आना जाना होता है. अंग्रेज़ी में इनके प्रोफेशन को सोशल पार्टनर या फ्रेंड कहते हैं. पर हमारी ज़बान में इस प्रोफेशन के लिए कोई सभ्य शब्द नहीं है. बस आप ये समझ लीजिए कि ये एक तरह कि पेशेवर दोस्त हैं. जो अनजान लोगों को एक अच्छे दोस्त की कमीं नहीं खलने देती हैं.

पर इनकी दोस्ती और इनके अपनेपन की एक कीमत होती है. दोस्ती निभाने और दोस्त के साथ रहने की ये फीस वसूलती है. जैसे इन पामेला को अगर आप आपना दोस्त बना कर इनके साथ कुछ वक्त गुजारना चाहें तो पहले इन्हें दोस्ती की कीमत के तौर पर 18 हजार दिरहम की अदायगी करनी होगी. रुपयों में अगर इसे तब्दील करें तो ये करीब साढ़े तीन लाख रुपय होता हैं.

पिंक पैंट वाले रंगबाज़ की ये पुरानी दोस्त हैं और उसी के कहने पर ये अपनी दो और दोस्त को साथ लेकर दुबई से खास दिल्ली आई थीं. दोस्ती निभाने और आशीष पांडेय का अकेलापन दूर करने. अब इन्होंने तो अपनी दोस्ती निभा ली. दोस्ती की कीमत भी वसूल कर ली. दिल्ली से दुबई भी लौट गईं. मगर जाते-जाते इन्हीं तीन में से एक ने पिंक पतलून की हरकत को मोबाइल में कैद कर ऐसा वायरल किया कि अब भाई को भागते-छुपना पड़ रहा है.

दरअसल पामेला रुज़ सोशल साइट्स के ज़रिए अपने अनजान दोस्तों से जुड़ती हैं. हालांकि खास लोगों को वो खुद भी ट्वीटर पर फॉलो करती हैं. और उन्हें फॉलो करने वालों की कोई कमी नहीं है. और तो और पामेला ने अपने ट्विटर एकाउंट पर अपनी काफी फोटोज़ भी पोस्ट कर रखी है. जिनमें ज़्यादातर में वो अपने आईफोन से सेल्फी लेती नज़र आ रही हैं. ऐसा माना जाता है कि कुछ लोग उनके ट्विटर के ज़रिए भी उनसे नज़दीकियां बढ़ाते हैं.

मगर पामेला रुज़ का ये अपनापन सिर्फ चुनिंदा लोगों के लिए होता है. जिसे वीवीआईपी कहते हैं. अगर ऐसा कोई वीवीआईपी जो दुबई के अलावा किसी और देश में रहता है तो ये उससे दोस्ती निभाने के लिए वहां भी चली जाती हैं. मगर इसके लिए उस दोस्त को इनके आने जाने, रुकने खाने सबका खर्चा उठाना पड़ता है. पूर्व बीएसपी सांसद राकेश पाण्डेय के बेटे आशीष पाण्डेय भी शायद इन दिनों कुछ अकेलापन महसूस कर रहे थे. लिहाज़ा उन्होंने अपनी इस दोस्त को दुबई से बुलाया था.

पिंक पतलून वाले आशीष पांडे के अकेलेपन का आलम ये था कि उन्होंने उसे दूर करने के लिए पामेला के साथ-साथ उसकी दो और दोस्तों को भी बुलवाया था. ये तीनों महिला मित्र आशीष के साथ उस वक्त मौजूद थीं जब वो दिल्ली के होटल हयात में अपनी पिस्टल लहरा रहे थे. ये तब भी उन्हीं के साथ थीं जब वो अपनी महंगी बीएमडब्लू कार में आकर बैठे थे. और दीवाल पोत कर क्रांति लिखने का ज़िक्र कर रहे थे.

ज़ाहिर है दोस्ती के लिए तीन-तीन दोस्तों को दुबई से फ्लाइट से बुलाने. पांच सितारा होटल में ठहराने, खाने-पीने में आराम से दस-पंद्रह लाख तो पंडेय जी ने उड़ा ही दिए होंगे. अब पिस्टल लहराने के बाद वकीलों का खर्चा अलग. ज़ाहिर है इस बार खरीदी गई दोस्ती कुछ ज्यादा ही महंगी पड़ गई.