फटकार का असर / 108 विधायकों ने खुद पर दर्ज मामले बताए: भाजपा के 72 और कांग्रेस के 33.

भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले सांसदों-विधायकों का ब्योरा उपलब्ध नहीं कराने पर अगस्त मेंे केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी। इसी का असर है कि अब मप्र के 108 विधायकों ने खुद पर लगे आरोपों और उनसे संबंधित अपराध की घोषणा सार्वजनिक की है। मप्र इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के 28 और कांग्रेस के 12 विधायकों पर गंभीर मामले दर्ज हैं, जबकि भाजपा के 44, कांग्रेस के 21, बसपा के एक और दो निर्दलिए विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यानी 30 फीसदी ने यह घोषणा की है।

बड़े-बड़े नाम…. उच्च शिक्षा मंत्री पर डकैती और मारपीट जैसे मामले : भाजपा विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया पर डकैती संबंधी मामला दर्ज है। सरकारी कर्मचारी से मारपीट और धार्मिक वैमनस्यता फैलाने का मामला भी उन पर दर्ज है। वहीं पिछोर से कांग्रेस विधायक केपी सिंह कक्काजू पर भी डकैती संबंधी मामला है। लूट-पाट, जानलेवा हमलाें सहित कई अन्य गंभीर अपराध उन पर दर्ज हैं। भाजपा से नरसिंहपुर विधायक व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल पर हमला, धमकी, आगजनी आदि के मामले दर्ज हैं। इनके अलावा अनेक विधायकों पर सरकारी कर्मचारियों से मारपीट, सरकारी काम में बाधा, धमकी, मारपीट आदि के प्रकरण पंजीबद्ध हैं।

गंभीर अापराधिक मामलों के मापदंड – पांच साल या उससे अधिक सजा पाने वाले अपराध। गैर जमानती अपराध। सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाना। हत्या, अपहरण, ज्यादती से संबंधित अपराध। महिलाओं पर अत्याचार से संबंधित अपराध।