आखिरी बार स्टेडियम मैदान पर 51 फीट के रावण, 31-31 फीट के कुंभकरण-मेघनाथ के पुतले जलेंगे

खरगोन. इस बार का दशहरे का मुख्य समारोह स्टेडियम मैदान पर आखिरी बार मनाया जाएगा। 51 फीट के रावण पुतले का दहन होगा। पहली बार कुंभकरण व मेघनाथ के 31-31 फीट के पुतले भी जलेंगे। आतिशबाजी होगी। नगर पालिका ने रावण दहन पर इस साल छह लाख रुपए का बजट रखा है। 75 हजार रुपए में रावण निर्माण के साथ ही आतिशबाजी के लिए पटाखे भी लगेंगे। दहन के दो दिन पहले पुतलों के अलग-अलग हिस्से स्टेडियम ग्राउंड पर पहुंचने शुरू हो जाएंगे। आतिशबाजी से ही स्टेडियम पर नगर पालिका खरगोन आपका हार्दिक स्वागत करता है लिखा आएगा।

चुनावी आचार संहिता के बीच आयोजन है इसलिए पहाड़सिंहपुरा से परंपरानुसार निकलनेवाली श्रीराम चल समारोह की अनुमति लेना पड़ेगी। स्टेडियम का नवीनीकरण हो जाने से अगले साल समारोह के लिए दूसरी जगह तय करना होगी। यह इसी साल होना था लेकिन प्रशासन लोगों के अन्य जगह विरोध व चुनाव के चलते जगह व व्यवस्थाएं तय नहीं कर पाया। हर साल आंबेडकर भवन में पुतले बनते हैं। वहां परीक्षा की तैयारी के चलते पुतले बिस्टान रोड स्थित एक कॉलोनी की बड़ी छत पर बनाए जा रहे हैं।

रावण के पुतले का 13 फीट का सिर, 20 का धड़
कलाकार प्रमोद चौहान और उनकी सात लोगों की टीम रावण के पुतले का 10 दिन से निर्माण कर रही है। दशानन का सिर 13 फीट का होगा। 10 सिर लगे हाेंगे। इसका धड़ 20 फीट का होगा। पैर ही 17 फीट के बन रहे हैं। एक-एक फीट के जूते तैयार हो रहे हैं। कुंभकर्ण व मेघनाथ के पुतलों के सिर भी करीब 7-7 फीट के रहेंगे। कलाकार विमल चौहान, मनीष चौहान, राधेश्याम व किशोर चौहान के साथ जितेंद्र सूर्यवंशी व गोलू यादव शामिल हैं।

4 अन्य जगह भी होगा रावण का पुतला दहन
शहर में जैतापुर नहर के पास, नूतननगर गावशिंदे कॉलोनी में भी रावण दहन होगा। शिवसेना 45 फीट के रावण का निर्माण करवा रही है। जबकि अन्य जगह पर 31-31 फीट के रावण दहन हांेगे। समितियों को रैली व समारोह कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी होगी।
स्टेडियम ग्राउंड पर ही मुख्य आयोजन होगा। कोलाहल नियंत्रण अधिनियम लागू रहेंगे। रैली की अनुमति लेना जरूरी होगा।