केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने महाकाल की पूजा की, नंदी के कान में मनोकामना कही

उज्जैन. केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को महाकालेश्वर मंदिर में मनोकामना पूर्ति के लिए पंचामृत पूजन किया। ईरानी ने गर्भगृह में पूजन के दौरान मुट्ठी में नोट रख लिए थे, क्योंकि बैग चमड़े का होने से मंदिर में नहीं ला सकी थी, इसलिए दक्षिणा के लिए रुपए निकाल लिए थे।

पूजन के बाद उन्होंने पाटले पर बैठे जितेंद्र पुजारी को मुट्ठी में रखे नोट बतौर दक्षिणा दे दिए। इसके बाद नंदीगृह में आकर नंदी के कान में भी अपनी मनोकामना कही। उनके साथ इंदौर के भाजपा नेता थे। उज्जैन में न भाजपा नेताओं को इसकी खबर दी और न ही प्रशासन को। पुजारी आशीष गुरु व संजय गुरु ने पूजन कराया। इसके बाद पुजारी कक्ष में उन्होंने आशीष गुरु से बातचीत की।

इस दौरान कक्ष से सभी को बाहर जाने के लिए कहा। बातचीत के बाद वे इंदौर रवाना हो गईं। पुजारी आशीष गुरु के अनुसार, ईरानी की महाकाल में आस्था है। वे तीन साल बाद दर्शन करने आईं। वे इंदौर के कार्यक्रम में भाग लेने के पहले निजी यात्रा पर महाकाल आईं। इसलिए किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। गर्भगृह में उन्हें मनोकामना पूर्ति के लिए संकल्प कराकर पंचामृत पूजन कराया। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता के कारण ईरानी निजी तौर पर ही मंदिर आईं थी। चुनाव के बाद फिर दर्शन के लिए आने का कह कर गई हैं।