शतक पानी पूरी बेचकर क्रिकेटर बना ये लड़का

कुछ ही दिन पहले दुबई में सीनियर टीम इंडिया बांग्लादेश को मात देकर एशिया कप चैंपियन बनी. उसी नक्शे कदम पर चलते हुए भारत की जूनियर क्रिकेट टीम ने भी कमाल कर दिखाया. रविवार को उसने मेजबान बांग्लादेश को रौंद कर अंडर-19 एशिया कप पर कब्जा जमाया. फाइनल में भारतीय टीम को 304/3 के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में यशस्वी जायसवाल ने 113 गेंदों में 85 रनों की अहम पारी खेली.
पूरे टूर्नामेंट में 79.50 की औसत से 318 रन बनाने वाले यशस्वी ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ रहे. 17 साल का यह सलामी बल्लेबाज पहली बार तब सुर्खियों में आया, जब उसने अगस्त में श्रीलंका दौरे के दौरान नाबाद 114 रनों की पारी खेली. जिसकी बदौलत अंडर-19 भारतीय टीम यूथ वनडे सीरीज में श्रीलंकाई टीम को 3-2 से मात देने में कामयाब हुई.
उसके कोच ज्वाला सिंह का दावा है कि बाएं हाथ के बल्लेबाज यशस्वी ने पिछले तीन साल में 51 शतक जमाए हैं और अपने लेग स्पिन के सहारे 300 से ज्यादा विकेट भी चटकाए हैं. उनका मानना है कि यशस्वी इसी तरह बड़े टूर्नामेंटों में रन बनाता रहा, तो उसे टीम इंडिया में जगह बनाने से कोई नहीं रोक सकता.
उत्तर प्रदेश के भदोही के इस किशोर के लिए क्रिकेटर बनने की राह आसान नहीं रही. जब वह 2012 में क्रिकेट का सपना संजोए अपने चाचा के पास मुंबई पहुंचा, तो वह महज 11 साल का था. चाचा के पास इतना बड़ा घर नहीं था कि वह उसे भी उसमें रख सके. वह एक डेयरी दुकान में अपनी रातें गुजारता था.