देश भर के छोटे कारोबारियों को जल्द बड़ी राहत एक के बाद एक सहूलियत….

देश भर के छोटे और मझोले कारोबारियों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार 5 करोड़ तक सालाना कारोबार करने वाले कारोबारियों को दो फीसदी सस्ते ब्याज पर लोन देने और मुफ्त बीमा जैसी सुविधाओं का ऐलान बजट में कर सकती है। इससे जुड़े दो सरकारी अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक, छोट कारोबारियों को लोन पर 2 फीसदी छूट दी जा सकती है। छूट पाने के लिए वार्षिक कारोबार की अधिकतम सीमा 5 करोड़ रुपये तय की जाएगी। इसके साथ ही महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए भी एक विशेष नीति की घोषणा बजट में हो सकती है।

मुफ्त में दुर्घटना बीमा कवर का प्रस्ताव

सूत्रों ने कहा कि सरकार छोटे कारोबारियों को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त दुर्घटना बीमा कवरेज देने की भी योजना बना रही है। इस बीमा योजना का खाका यूपी सरकार द्वारा प्रदेश के छोटे कारोबारियों के लिए चलाई जा रही योजना की तर्ज पर तैयार किया जा सकता है। हालांकि, इस पर सरकार के बजट पर कितना बोझ पड़ेगा इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है।

पेंशन देने की भी योजना 

सस्ते लोन और दुर्घटना बीमा के अलावे सरकार पंजीकृत सेवानिवृत्त कारोबारियों को पेंशन भी देने पर विचार कर रही है। इन कारोबारियों को वृद्धावस्था पेंशन की सुविधा भी मिल सकती है। ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन करने का भी प्रस्ताव है। इस बोर्ड में सरकार, कारोबारियों के प्रतिनिधि रहेंगे। वेलफेयर बोर्ड के जरिए पेंशन का भुगतान संभव होगा।

कारोबारियों को एक के बाद एक सहूलियत 

जीएसटी लागू होने का असर सबसे ज्यादा छोटे ट्रेडर्स और कारोबारियों पर हुआ था। इसको देखते हुए सरकार ने जीएसटी में कई बदलाव अब तक किए हैं। पिछले दिनों छोटे कारोबारियों को राहत देते हुए जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी में छूट की सीमा को बढ़ाकर सालाना 20 लाख से 40 लाख रुपये कर दिया। इसके साथ रिटर्न भरने में भी छूट दी गई है। सूत्रों ने बाताया कि बजट में कई और तोहफे छोटे कारोबारियों को मिल सकते हैं।

महंगा मिलता है अभी लोन 

अभी अच्छे साख वाले कारोबारी को बैंक 9 से 10 फीसदी सालाना ब्याज पर लोन मुहैया कराते हैं। वहीं कमजोर साख वाले कारोबारियों से 13 से 14 फीसदी की दर से ब्याज वसूलते हैं। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि देश भर में करीब 7 करोड़ छोटे कारोबारियों में से सिर्फ 4 फीसदी ही बैंक से लोन ले पाते हैं। करीब 50 फीसदी छोटे कारोबारी निजी ऋणदाता से 25 फीसदी की दर से लोन लेते हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए की छोटे कारोबारियों को लोन की जरूरत को पूरा करने के लिए बैंकों में एक स्पेशल विंडो खोला जाए।