साफ हवा के लिए 102 शहरों में होंगे दिल्ली जैसे कड़े नियम, 30% कम होगा प्रदूषण

साफ हवा के लिए देश के 102 शहरों में दिल्ली जैसे कड़े नियम लागू होंगे। पर्यावरण मंत्रालय ने सर्वाधिक प्रदूषित इन शहरों की हवा को अगले पांच सालों के भीतर स्वच्छ बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम (एनसीएपी) को मंजूरी दे दी है। एक दो दिन में इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

जलवायु परिवर्तन पर पोलैंड में शुरू होने जा रही कान्फ्रेंस ऑफ पार्टीज की 24वीं बैठक से ठीक पूर्व लिए गए इस फैसले को जलवायु परिवर्तन के खतरों के खिलाफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार हवा की गुणवत्ता को लेकर डब्ल्यूएचओ और अन्य एजेंसियों की 2011 से 2018 के बीच में आई कई रिपोर्ट को आधार बनाकर इन शहरों का चयन किया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश के 15, बिहार के तीन, उत्तराखंड के दो, झारखंड का एक शहर शामिल है। दिल्ली भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा।

20% से 30% प्रदूषण कम होगा

केंद्रीय पर्यावरण सचिव सीके मिश्रा ने कहा कि अधिसूचना जारी होते ही इस कार्यक्रम का क्रियान्वय शुरू हो जाएगा। राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम के तहत इन शहरों में अगले पांच सालों के भीतर 20% से 30% प्रदूषण कम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य कम नहीं है। कुछ साल पहले चीन ने 74 प्रदूषित शहरों के लिए ऐसा ही कार्यक्रम शुरू किया था जिसमें 27-32 फीसदी तक प्रदूषण कम हुआ था।

उत्तर प्रदेश के शहर

आगरा, प्रयागराज, अनपरा, बरेली, फिरोजाबाद, गजरौला, गाजियाबाद, झांसी, कानपुर, खुर्जा, लखनऊ, मुरादाबाद, नोएडा, रायबरेली और वाराणसी।

बिहार के शहर

पटना, गया और मुजफ्फरपुर

उत्तराखंड के शहर

काशीपुर और ऋषिकेश

झारखंड

धनबाद

तीन चरणों में लागू होगी योजना

1. कड़े नियम : 

प्रदूषण कम करने के लिए जिस प्रकार के नियम दिल्ली में लागू किए जा रहे हैं, करीब-करीब वैसे ही नियम इन शहरों में तत्काल लागू होने शुरू हो जाएंगे। जैसे ढक कर निर्माण करना, खुले में आग जलाने पर रोक, पानी का छिड़काव, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जांच और उन पर रोक, प्रदूषणकारी उद्योगों की जांच और रोकथाम, मशीनों से सड़कों की सफाई आदि।

2. योजना मांगी जाएगी : 

इन शहरों को कहा जाएगा कि वे प्रदूषण की रोकथाम के लिए अपनी योजना प्रस्तुत करें। इनमें वित्तीय जरूरतों, अन्य संसाधनों की आवश्यकता बताई जाएगी। इसके अनुसार पर्यावरण मंत्रालय शहरों के लिए बजट का आवंटन करेगा। केंद्र की मदद से शहर प्रदूषण की रोकथाम के लिए आवश्यक संसाधन जुटाएंगे।

3. अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद : 

केंद्र सरकार विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र, ब्लूमबर्ग जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद से भी इन शहरों में प्रदूषण की रोकथाम के लिए कार्यक्रम शुरू करेगा। केंद्र की एजेंसियां भी इसमें सहयोग देंगी। इसमें संसाधन, प्रशिक्षण और प्लानिंग शामिल है।