भाटला सामाजिक बहिष्कार : सरपंच सहित 10 लोगों पर पर केस दर्ज करने के आदेश

हरियाणा के भाटला सामाजिक बहिष्कार मामले में हिसार के अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत ने हांसी के सदर थाना प्रभारी को 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं।

बिजली उपकरणों की दुकान चलाने वाले शिकायतकर्ता राजेश के अनुसार, दलितों के सामाजिक बहिष्कार की घोषणा के बाद उन्हें मरम्मत के लिए दिया गया छत का पंखा वापस मांगा गया था और उनसे फोन पर कहा गया था कि अगर तुम्हारी दुकान पर आएंगे तो हमें 11 हजार रुपये जुर्माना देना पड़ेगा। शिकायतकर्ता ने यह बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी तथा उस आधार पर दिसंबर 2017 में एक शिकायत हांसी की तत्कालीन एसपी प्रतीक्षा गोदारा व हिसार के सत्र न्यायाधीश प्रमोद गोयल की अदालत में दी थी।

इस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। राजेश ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने आरटीआई के माध्यम से अपनी शिकायत का स्टेटस पता किया तो पता चला कि हांसी के डीएसपी विजेंद्र सिंह ने शिकायत से दो दिन पहले ही बयान रिकॉर्ड करना दिखाकर उनकी शिकायत को खारिज कर दिया।

वार्ता के अनुसार, शिकायतकर्ता ने उसके बाद हांसी की एसपी को 18 जनवरी को फिर शिकायत दी, लेकिन शिकायत पर फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद राजेश ने हिसार की विशेष अदालत में एससी/एसटी एक्ट के प्रावधानों के तहत शिकायत दी, जिस पर अदालत ने अब गांव भाटला के जाट समुदाय के कालूराम व पुत्र नवीन तथा भाईचारा कमेटी के नरेश, बिजेंदर, जगदीप, महावीर, जय भगवान, कर्मवीर, वेद प्रकाश व मौजूदा सरपंच पुनीत कुमार के खिलाफ आईपीसी व एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

इस बीच भाटला गांव के दो दुकानदारों ने सुरक्षा की मांग की है। इनके खिलाफ विशेष अदालत के आदेश पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।