मार्च 2019 तक क्यों बंद हो जाएंगे देश के आधे से अधिक ATM?

नोटबंदी तो याद होगी. 8 नवंबर, 2016 को हुई थी. दो साल से ज्यादा का वक्त हो गया. लोगों ने अपने पुराने नोट बैंक में जमा कर दिए. और जब निकालने की बारी आई, तो लोगों को एटीएम की लाइन में लगना पड़ा. कई घंटों की मशक्कत के बाद महज कुछ हजार रुपये ही मिल पाए थे. और ये स्थिति कई महीनों तक बनी रही थी. हम आपको दो साल पुरानी ये घटना क्यों बता रहे हैं. इसलिए, क्योंकि स्थितियां एक बार फिर से ऐसी बनने लगी हैं कि आपको अपने पैसे निकालने के लाइन में लगना पड़ सकता है. और इस बार लाइन एटीएम में नहीं, बल्कि बैंक में लगानी होगी.

तो क्या फिर से होने जा रही है नोटबंदी?

एटीएम की संस्था कैटमी का कहना है कि अगले साल तक 1 लाख 19 हजार एटीएम बंद हो जाएंगे.
एटीएम की संस्था कैटमी का कहना है कि अगले साल तक 1 लाख 19 हजार एटीएम बंद हो जाएंगे.
नहीं, ऐसी स्थिति नोटबंदी की वजह से नहीं आने जा रही है. इस बार संकट एटीएम पर है. देश में फिलहाल कुल 2 लाख 38 हजार एटीएम काम कर रहे हैं. एटीएम इंडस्ट्री की संस्था कन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगले साल यानि की मार्च 2019 तक देश के आधे एटीएम बंद हो सकते हैं. और अगर ऐसा होता है, तो बचे हुए एटीएम के साथ ही बैंकों में भी लंबी-लंबी कतार दिख रही है.

क्या है वजह?

नोटबंदी के बाद ऐसे ही हालात बने थे कि लोगों को लंबी लाइनें लगानी पड़ी थी. अब एक बार फिर से वैसे ही हालात बनते दिख रहे हैं.

कॉन्फिडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री के मुताबिक नोट और एटीएम को लेकर हाल के दिनों में कई बदलाव हुए हैं. कई तरह के नए नोट आ गए हैं और उनके लिहाज से एटीएम को अपग्रेड करना पड़ रहा है. नई तकनीक के हिसाब से एटीएम के हॉर्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों को ही अपडेट करने की ज़रूरत है. इनको अपग्रेड करने में करीब 3500 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है. लेकिन कंपनियां इस हालत में नहीं हैं कि वो 3500 करोड़ रुपये खर्च करके एटीएम को अपग्रेड कर सकें. इसकी वजह ये है कि नोटबंदी से हुए नुकसान से वो अभी तक उबर नहीं पाई हैं. दूसरी बात ये है कि अगर बैंक चाहें तो वो एटीएम को अपने पैसे से अपग्रेड कर सकते हैं.

नोटबंदी के दौरान एटीएम चलाने वाली कंपनियों को नुकसान हुआ है. वो इस स्थिति में नहीं हैं कि 3500 करोड़ रुपये लगाकर एटीएम को अपग्रेड कर सकें.

लेकिन बैंक भी इस हालत में नहीं हैं. अब अगर बैंक भी एटीएम को अपग्रेड करने से इन्कार कर देंगे, तो मार्च 2019 तक देश के आधे से ज्यादा एटीएम बंद हो जाएंगे. और अगर एटीएम बंद होते हैं, तो इसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो जाएंगे और ये स्थिति अर्थव्यवस्था के लिए और भी ज्यादा खतरनाक होगी. कॉन्फिडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री का सीधे तौर पर ये कहना है कि एटीएम ऑपरेटर्स को पहले से ही घाटा हो रहा है. अगर बैंक उन्हें पैसे नहीं देते तो कई कंपनियां अपने कॉन्ट्रैक्ट रद कर देंगी. इसका नतीजा ये होगा कि एटीएम बंद हो जाएंगे. अगर एटीएम बंद होंगे तो बचे हुए एटीएम पर लोगों की लाइन लग जाएगी. इसके अलावा अपने पैसे निकालने के लिए लोग बैंकों में भी लाइन लगा सकते हैं