शहाबुद्दीन की सजा से बढ़ेगा तेजस्वी का सिरदर्द!

सियासी तौर पर बेहद अहम बिहार का सीवान जिला एक बार फिर चर्चा में है. चर्चा की वजह जिले के पूर्व राजद सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन और उनके संगीन अपराध हैं. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सीवान के चर्चित तेजाब कांड के मामले में शहाबुद्दीन को हाईकोर्ट से मिली उम्र कैद की सजा बरकरार रखी है.

वहीं कोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर राजद नेता तेजस्वी यादव के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है. दरअसल, हाल ही में ”संविधान बचाओ न्याय यात्रा” के तहत तेजस्वी यादव सीवान पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने शहाबुद्दीन के गांव प्रतापपुर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की थी.

तेजस्वी का ये कार्यक्रम उनकी सभा से पहले हुआ और वो शहाबुद्दीन के परिवार से मिलने के बाद ही सभास्थल की ओर रवाना हुए. इस मुलाकात के बाद ये चर्चा शुरू हो गई थी कि 2019 लोकसभा चुनाव में सीवान सीट से शहाबुद्दीन की पत्नी हीना शहाब को एक बार फिर मौका मिलेगा. यही नहीं, प्रदेश के मुसलमानों को भी यह संदेश दे दिया गया कि राजद का बेस ‘माय’ समीकरण ही रहेगा, यानी यादव-मुस्लिम समीकरण ही उनका आधार होगा.

शहाबुदृीन मजबूरी भी, जरूरी भी!

परंपरागत ‘माय’ समीकरण को ध्यान में रखते हुए राजद के लिए बिहार में शहाबुदृीन मजबूरी भी है और जरूरी भी. ऐसा माना जाता है कि राजद सुप्रीमो लालू के लिए शहाबुद्दीन बेहद जरूरी रहा, वहीं लालू की अनुपस्थिति में पार्टी की कमान संभालने वाले तेजस्वी के लिए शहाबुदृीन ‘मजबूरी’हैं. यही वजह है कि बीते फरवरी माह में जब राजद ने नई राष्ट्रीय टीम का गठन किया तो इसमें बाहुबली शहाबुद्दीन को आउट तो किया गया लेकिन उनकी पत्नी हीना शहाब को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया.

वहीं सीवान में शहाबुद्दीन वो नाम है, जिसे आज भी मुस्लिम समाज अपना सबसे बड़ा नेता मानता है. मुस्लिम समाज के लोगों को इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि शहाबुद्दीन संगीन अपराध के जुर्म में कई सालों से तिहाड़ में बंद है. लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद तेजस्वी के सामने नई चुनौती पेश हो गई है. इसके साथ ही विरोधियों को एक बार फिर राजद नेता तेजस्वी पर सवाल दागने का मौका मिल गया है. यहां बता दें कि सीवान लोकसभा सीट से अभी बीजेपी के ओमप्रकाश यादव सांसद हैं। उन्होंने 2014 में राजद की प्रत्याशी हीना शहाब को लगातार दूसरी बार हराया था.

सुशील मोदी ने पूछ ही लिया सवाल

राजद-कांग्रेस की सरकार के समय अगस्त, २००४ में सत्तारूढ़ दल के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन ने फिरौती के लिए सीवान में दो व्यवसायी पुत्रों की जो नृशंस हत्या की थी, उसके कारण हाईकोर्ट से उन्हें उम्र कैद की सजा मिली और अब सुप्रीम कोर्ट ने सजा बरकरार रखने का फैसला देकर राजद शासन

कौन है मोहम्मद शहाबुद्दीन

शहाबुद्दीन एक ऐसा नाम है जिसे बिहार में हर कोई जानता है. मोहम्मद शहाबुद्दीन का जन्म 10 मई 1967 को सीवान जिले के प्रतापपुर में हुआ था. उन्होंने अपनी शिक्षा दीक्षा बिहार से ही पूरी की थी. राजनीति में एमए और पीएचडी करने वाले शहाबुद्दीन ने हीना शहाब से शादी की थी. उनका एक बेटा और दो बेटी हैं.