माइक्रोसॉफ्ट का दावा- फर्जी वेबसाइट्स से अमेरिका के राजनीतिक संस्थानों की जासूसी करा रहा रूस

सैन फ्रांसिस्को. रूस की खुफिया एजेंसी ने अमेरिका के राजनीतिक संस्थानों की जासूसी के लिए छह फर्जी वेबसाइट बनाईं। यह खुलासा माइक्रोसॉफ्ट ने किया। कंपनी ने दावा किया कि सोमवार रात डिजिटल क्राइम यूनिट को इन वेबसाइट के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया।

माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, रूसी सरकार से समर्थन प्राप्त एक हैकिंग ग्रुप ने ये वेबसाइट बनाईं, जिसका मकसद संसद के कम्प्यूटर हैक करना था। वहीं, रूस ने माइक्रोसॉफ्ट के आरोप निराधार बताए। रूस के अफसरों का कहना है कि माइक्रोसॉफ्ट पॉलिटिकल गेम खेल रही है। यह प्राइवेट कंपनी वकील की तरह काम कर रही है।

एपीटी हैकिंग ग्रुप सक्रिय : सॉफ्टवेयर कंपनी के मुताबिक, इस साजिश में एपीटी28 हैकिंग ग्रुप का नाम सामने आया, जिसका कनेक्शन रूस की खुफिया एजेंसी से है। माइकोसॉफ्ट ने बताया कि सभी फर्जी वेबसाइट कुछ महीने पहले ही बनाई गईं। गौरतलब है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अधिकारी कई बार बता चुके हैं कि नवम्बर 2016 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान वोटर्स को प्रभावित करने की सबसे ज्यादा कोशिशें की गईं। उस वक्त भी इसी हैकिंग ग्रुप का नाम सामने आया था।

हडसन इंस्टिट्यूट पर रखी जा रही थी नजर: कंपनी के अफसरों ने अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट को बताया कि रूस की ओर से चलाई जा रहीं इन वेबसाइट का निशाना हडसन इंस्टिट्यूट था, जो अमेरिकी का राजनीतिक गढ़ है। इनमें तीन वेबसाइट अमेरिकी संसद पर नजर रखती थीं और एक गैर-राजनीतिक वेबसाइट माइकोसॉफ्ट के ऑनलाइन प्रोडक्ट की गतिविधियां ट्रैक करती थी। इसके अलावा बाकी वेबसाइट रूस की गतिविधियों पर नजर रखने वाले वॉशिंगटन थिंक टैंक और इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टिट्यूट की जासूसी कर रही थीं।

खुफिया एजेंसी लगातार दे रहीं चेतावनी: माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे यह पता लगे कि इन फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल किसी तरह के हमले में किया गया। हालांकि, ये वेबसाइट कम्प्यूटर्स में मालवेयर आसानी से डाल सकती थीं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने आने वाले चुनाव में रूस की गतिविधियां तेज होने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद माइक्रोसॉफ्ट ने यह कदम उठाया।

अब तक 84 वेबसाइट निष्क्रिय कर चुका माइक्रोसॉफ्ट: खुफिया एजेंसियों का दावा था कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव की तरह रूस एक बार भी अमेरिका में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। इसके अलावा कुछ समय पहले फेसबुक ने भी एक इंटरनेट रिसर्च एजेंसी कंपनी के 32 फर्जी अकाउंट और पेज ब्लॉक किए थे। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट भी 2016 से अब तक एपीटी28 हैकिंग ग्रुप की बनाई 84 वेबसाइट को निष्क्रिय कर चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *