क्या खत्म हो गया #MeToo? कंगना पर निशाना, शेखर सुमन बोले- चुप्पी क्यों,

तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर विवाद के बाद बॉलीवुड में वर्क प्लेस पर महिलाओं के शोषण के तमाम मामले सामने आए हैं. यौन उत्पीड़न झेल चुकी कई महिलाओं ने इस बारे में खुलकर बोला. इस अभियान ने सभी के लिए कार्यस्थल पर एक सुरक्षित माहौल प्रदान करने के मुद्दे पर बहस शुरू कर दिया. महिलाओं ने कई दिग्गज सितारों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए.

मीटू मूवमेंट के तहत कंगना रनौत के एक्स बॉयफ्रेंड अध्ययन सुमन ने उन्हीं के खिलाफ टि्वटर पर आरोप लगाए थे और अपनी आपबीती सुनाई थी. अब अध्ययन के सपोर्ट में उनके पिता शेखर सुमन आ गए हैं.

शेखर ने ट्वीट कर कहा, “जब अध्ययन ने अपनी मीटू स्टोरी शेयर की तो लोगों ने कहा कि अध्ययन ये सब पब्लिसिटी के लिए कर रहे हैं. लेकिन अब जब सारी महिलाएं अपनी स्टोरी मीटू स्टोरी शेयर कर रही हैं तो क्या वो भी  पब्लिसिटी के लिए है.”

शेखर सुमन ने ट्वीट किया, “क्या #MeToo आंदोलन मर चुका है? आरोप प्रत्यारोप का दौर खत्म? बहस खत्म हो गई है? सुर्खियां चली गईं? महिलाओं की क्रांति खत्म हो गई? चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात.”बता दें कि शेखर ने जिस हैंडल से ट्वीट किया है वो वेरिफाइड नहीं है. पिंकविला के मुताबिक हैंडल शेखर सुमन का ही है.

बता दें कि अध्ययन ने कंगना पर निशाना साधते हुए लिखा था- “बहुत सारे लोग मुझसे मेरी मीटू स्टोरी शेयर करने को कह रहे हैं. क्षमा चाहता हूं. जब दो साल पहले ये किया तो मुझे शर्मिंदगी और अपमान मिला. मेरे माता-पिता जिन्हें मैं सबसे ज्यादा प्यार करता हूं, उन पर नेशनल टीवी पर अश्लील कमेंट किए गए.”

अध्ययन ने कहा था, “आपको अपने दर्द और बुरे अनुभव को साझा करने का अधिकार है. जिन्होंने मेरा समर्थन किया उन्हें दिल से शुक्रिया. मुझे खुशी है कि ये पल उन्हें मौका दे रहा है, जिनके साथ ये हुआ है.”

वहीं कंगना से जब एक न्यूज चैनल ने बातचीत के दौरान अध्ययन की मीटू स्टोरी के बारे में पूछा तो वे देर तक हंसती रहीं. इसके बाद उन्होंने कहा- “मुझे उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा.”