बाबा पंडोखर, नई पार्टी बनाकर चुनाव करने की घोषणा.

मध्य प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में इस बार संत समाज का खासा दखल नजर आ रहा है. कम्प्यूटर बाबा के बाद अब एक और संत नेता बनने की राह पर चल पड़े हैं.

पंडोखर सरकार के नाम से मशहूर गुरुशरण महाराज ने मंगलवार को भोपाल में एक नई राजनीतिक पार्टी ‘सांझी विरासत पार्टी’ का ऐलान किया. इस दौरान गुरुशरण महाराज (पंडोखर सरकार) ने बताया कि ये पार्टी मध्य प्रदेश की 50 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि समान सोच वाले राजनीतिक दलों का समर्थन करने पर उन्हें कोई ऐतराज नहीं है.

खुद के चुनाव लड़ने के सवाल पर गुरुशरण महाराज ने कहा कि पार्टी में यदि सब चाहेंगे तो वो भी विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं. हालांकि वो चुनाव किस सीट से लड़ेंगे ये तय नहीं है लेकिन गुरुशरण की माने तो उनकी इच्छा सेवड़ा से विधानसभा चुनाव लड़ने की है.

SC/ST एक्ट से है नाराजगी

आजतक से बात करते हुए गुरुशरण महाराज ने बताया कि SC/ST एक्ट पर शिवराज सरकार के रुख से वह नाराज़ हैं. खास तौर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ‘माई का लाल’ वाले बयान से. गुरुशरण महाराज ने कहा कि उनकी सरकार में समाज के हर वर्ग के लोग शामिल होंगे जिससे सभी वर्गों का विकास हो. इसके अलावा उन्होंने शिवराज सरकार पर संत समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की रमन सरकार को संतों की हितैषी सरकार बताया.

डोखर का ग्वालियर-चंबल सम्भाग में खासा असर

आपको बता दें कि दतिया के पंडोखर सरकार धाम के संचालक गुरुशरण महाराज उर्फ पंडोखर सरकार का ग्वालियर-चंबल संभाग में खासा असर है. उनसे मिलने और उनका आशीर्वाद लेने वालों में आम जनता के साथ-साथ कई बड़े नेता भी उनके दरबार में हाजिरी लगाते देखे गए हैं.